जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने जिले की समस्त विकास खण्डों के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया
उज्जैन 08 जून। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन का मतदान तीन चरणों में सम्पन्न होगा। प्रथम चरण 25 जून, द्वितीय चरण एक जुलाई एवं तृतीय चरण का मतदान 8 जुलाई को सम्पन्न होगा। मतदान समाप्ति के पश्चात उक्त तिथियों में मतगणना होगी। विक्रम कीर्ति मन्दिर में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने जिले की समस्त विकास खण्डों के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मास्टर ट्रेनर्स ने अपने-अपने विकास खण्डों में मतदान दलों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर्स एवं नोडल अधिकारी डॉ.संदीप नाडकर्णी, डॉ.विजय सुखवानी एवं श्री राजेन्द्र पुरोहित ने दिया।
सर्वप्रथम विकास खण्ड के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देते हुए नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर डॉ.संदीप नाडकर्णी ने मतदान दलों की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी एवं मतदान के दिन क्या-क्या कार्यवाही की जाना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि पहला प्रशिक्षण जहां प्रशिक्षणार्थी सेवा दे रहे हैं, वहां प्रशिक्षण होगा और दूसरा प्रशिक्षण जिन मास्टर ट्रेनर्स की चुनाव में ड्यूटी लगी है, उन सम्बन्धित विकास खण्डों में प्रशिक्षण होगा। प्रथम प्रशिक्षण 13 एवं 14 जून को होगा। डॉ.संदीप नाडकर्णी ने प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के साथ ही नगरीय निकायों के आम निर्वाचन भी सम्पन्न होंगे। ऐसी स्थिति में नगरीय चुनाव का प्रशिक्षण अलग से सम्पन्न होगा। त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन मतपत्रों से होगा और नगरीय निकायों का मतदान ईवीएम से होगा। प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ.विजय सुखवानी एवं श्री राजेन्द्र पुरोहित ने भी प्रशिक्षणार्थियों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
विकास खण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने विकास खण्ड क्षेत्रों में नियुक्त किये जाने वाले मतदान दलों के कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मतगणना के समय पीठासीन अधिकारी को प्राधिकृत अधिकारी एवं मतदान अधिकारी को गणना सहायक कहा जाता है। पंचायतों के निर्वाचन में किसी मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी सहित प्रत्येक मतदान अधिकारी की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। मतदान केन्द्र पर निर्वाचन प्रक्रिया के सुचारू संचालन हेतु पीठासीन अधिकारी और उनके अधीनस्थ मतदान अधिकारी की सजगता और कर्त्तव्यनिष्ठा अत्यन्त आवश्यक है। पीठासीन अधिकारी की मार्गदर्शिका का पूर्ण मनोयोग से अध्ययन करें तथा प्रत्येक सत्र में सक्रियता से भाग लें। प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देते हुए जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि मतदान चालू होने पर मतदान केन्द्र पर की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही की जानकारी भी मतदान दलों को दी जाना नितांत आवश्यक है।
पहचान दस्तावेजों की सूची
जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने विकास खण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को अवगत कराया कि मतदाताओं की पहचान स्थापित करने के लिये विभिन्न प्रकार के 23 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज मतदाताओं को दिखाना आवश्यक है। जैसे- राज्य या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान-पत्र, आधार कार्ड, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका, राशन कार्ड, बैंक/किसान/डाकघर की पासबुक, शस्त्र लायसेंस, सम्पत्ति दस्तावेज, विकलांगता प्रमाण-पत्र, निराश्रित प्रमाण-पत्र, तेंदूपत्ता संग्राहक पहचान-पत्र, सहकारी समिति का अंश प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस, आयकर पहचान-पत्र, राज्य/केन्द्र सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/स्थानीय निकाय/अन्य निजी औद्योगिक घराने द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किये जाने वाले सेवा पहचान-पत्र, छात्र पहचान-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र, पेंशन दस्तावेज, रेलवे पहचान-पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी पहचान-पत्र या रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत जारी फोटोयुक्त जॉबकार्ड।
क्रमांक 1567 उज्जैनिया/जोशी

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