पौधारोपण की योजनाएं बनाई जायेंगी, पर्यावरण संरक्षण पर बैठक आयोजित
उज्जैन 17 जून। पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण हेतु शहर समाजसेवियों, संस्थाओं की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मप्र जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री विभाष उपाध्याय द्वारा पर्यावरण विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। बैठक की अध्यक्षता डॉ.विमल गर्ग ने की। बैठक में श्री सोनू गेहलोत पूर्व सभापति नगर निगम, श्री राजीव पाहवा रूपांतरण संस्था, श्री संजय व्यास एवं श्री जयवंत दामोर उज्जैन वाले ग्रुप, श्री आनंद मोहन पाण्डिया, श्री शिवप्रसाद मालवीय संभाग समन्वयक, श्री सचिन शिम्पी जिला समन्वयक, श्री अरूण व्यास, श्री अभिलाष जैन नित्यनैवैद्यम परर्मार्थिक न्यास, श्री शिवेन्द्रसिंह सोलंकी सीई्ओ पीडब्ल्यूडी, श्री अजय भातखण्डे वृद्धजन सेवा समिति, श्री रूपेश परमार सुरभि जनकल्याण समिति, श्रीमती करूणा शितोले देवी अवंतिका संस्था, मेघना वड़कस आकृति संस्था, श्री नीरज थोरात स्पर्श वेलफेयर सोसाईटी आदि उपथित रहे।
बैठक में सभी के द्वारा निम्न बिन्दुओं पर पर्यावरण बचाने के लिये अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिये निम्न विचार रखे :-
• उज्जैन शहर की ओर आ रहे लोगों को 25 किमी दूरी से यह आभास होना चाहिये कि हम उज्जैन शहर की ओर प्रवेश कर रहे है। चाहे वह आगर से, नागदा, बड़नगर, मक्सी, देवास, इन्दौर से आ रहा हो। इन मार्गों पर सघन पौधारोपण किया जाये।
• ऑक्सीजन आत्मनिर्भर कॉलोनी बनाने के लिये कॉलोनी के उद्यानों में रहवासियों को प्रेरित करने हुए स्वयं के द्वारा पौधारोपण होना चाहिये।
• हाईवे के पौधारोपण की जिम्मेदारी रोड निर्माण कंपनी की होना चाहिये। इसके लिये सड़क निर्माण होने से पहले पौधारोपण अनिवार्य रूप से बजट में शामिल करना चाहिये।
• एमआर-5 रोड पर पौधारोपण की योजना बनाई जाये, जिसमें सेंटपॉल स्कूल से सांची पाईंट इन्दौर रोड तक सड़क के दोनों ओर पौधारोपण करना। इसकी समन्वयक समिति में श्री सोनू गेहलोत, श्री राजीव पाहवा एवं डॉ.जयवंत धवाड़े रहेंगे।
• पौधों की सुरक्षा हेतु ट्री गार्ड आदि पर ध्यान देना होगा।
• नदी का सीमांकन क्षेत्र शासन स्तर पर अनिवार्य करवाना चाहिये एवं मास्टर प्लान में भी नदी की सीमा तय करना चाहिये।
• एनजीटी का प्लान क्या है, इसका अध्ययन करना आवश्यक है, जिसके माध्यम से पौधारोपण करने में आसानी होगी।
• इन्दौर रोड़ पर हरिफाटक से तपोभूमि तक पौधारोपण करना चाहिये।
• शहर के पास ग्राम सदावल पर सिटी फॉरेस्ट प्लॉन का अवलोकन।
• शासकीय ईंजीनियरिंग कॉलेज के बच्चों को पौधारोपण का प्रोजेक्ट देना चाहिये।
• सरप्रेस रिचार्ज पर कार्य करना चाहिये।
• वॉटर रिचार्ज पर अधिक से अधिक लोगों को स्वयं के घरों का पानी वाटर हार्वेस्टर के माध्यम से रिचार्ज सिस्टम मकान मालिक को अपने जल स्त्रोतों में करवाना चाहिये।
• नौलखी बीड़ पर पौधारोपण और वन विभाग के माध्यम से।
• कोरोना काल में हजारों हरे पेड़ कट गये है, जिसकी लकड़ी का उपयोग शमशान घाटों पर हुआ है। आगामी समय में लकड़ी के स्थान पर गोकाष्ठ की माध्यम से दाह संस्कार की परंपरा उज्जैन में लागू हो। उसके लिये गोशालाओं में गोकाष्ठ बनाये जाये, जिसकी मशीन उज्जैन वाले ग्रुप द्वारा कर ली गई है। जिस मशीन का शुभारंभ महाकाल मंदिर की गोशाला में 18 जून 2021 को संत समाज एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तावित है।
क्रमांक 1847 एचएस शर्मा/जोशी

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