तराना विधानसभा के 11 केंद्रों पर गेहूं खरीदी की गई लेकिन परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए का गेहूं हुआ वर्षा से गीला
तराना :- मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में गेहूं की खरीदी की गई उसी के तहत उज्जैन जिले के तराना तहसील में 11 केंद्रों पर शासन के निर्देशानुसार लॉकडाउन का पालन करते हुए सोसाइटीयों ने खरीदी की वहीं सोसाइटीयों ने बार-बार बारदान की कमी की बात सोसाइटी से पत्र देकर उच्च अधिकारी को अवगत कराया परंतु परेशानी के बाद भी समस्त किसानों को जो मैसेज आया था उसके अनुरूप गेहूं तोला गया परिस्थिति समझते सोसाइटीयों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को तराना अनुविभागीय अधिकारी , तहसीलदार एवं जनप्रतिनिधियों को बार-बार अवगत कराया की वर्षा काल प्रारंभ होने वाला है परिवहन की व्यवस्था शीघ्र करवाएं परंतु समय रहते परिवहन की व्यवस्था नहीं हो पाई इसी कारण पूरे तराना तहसील में वर्तमान में करोड़ों रुपए का गेहूं वर्षा के कारण गीला हो गया है ओर अगर आगे भी ईसी तरह लगातार वर्षा होती रही तो करोड़ों रुपए का नुकसान सरकार को उठाना पड़ेगा कई जगह तो गेहूं में से बदबू तक आने लगी है दरअसल तराना विपणन संस्था में 20000 कट्टे गेहूं , बघेरा सोसाइटी में 4200 कट्टे , दिलोदरी 70000 कट्टे , परसोली 76000 कट्टे , डाबड़ा राजपूत 140000 कट्टे , रूपाखेड़ी 120000 कट्टे , छड़ावाद 60000 कट्टे , ढाबला हरदू 76000 कट्टे , परसोली 76000 कट्टे के करीब गेहूं खुले में पड़े हुए हैं इसके साथ ही जवासिया कुमार , कायथा , काठबड़ौदा , करेडी , कड़ोदिया , गोदड़ी , डेलची , माकड़ोन आदि सोसाइटी में परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए का गेहूं खराब हो रहा है डाबड़ा राजपूत में 10 जून की वर्षा में जहांबवर्षा हुई है वहां पड़ा हुआ गेहूं पूरी तरह से गीला हो चुका है सोसाइटीयों ने गेंहू के ऊपर से त्रिपाल बिछा दी परंतु जमीन पर पानी बहने से गेहूं खराब हुआ है अभी भी परिवहन की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है ऐसी ही स्थिति रही तो पूरे प्रदेश में शासन को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदार अधिकारी एवं परिवहनकर्ता ठेकेदार की लापरवाही के कारण जो नुकसान हुआ है उसका जिम्मेदार कौन होगा वहीं आम जनता मध्यम परिवार के लोग 2000 क्वींटल का गेहूं खरीद कर खाने को मजबूर है वहीं लापरवाह अधिकारी ठेकेदार के कारण इतना बड़ा नुकसान मध्यप्रदेश शासन प्रशासन को उठाना पड़ेगा इस संदर्भ में पूर्व में भी वरिष्ठ अधिकारी एवं नगर के वरिष्ठ अधिकारियों को सोसायटीयों ने अवगत कराया था परंतु नतीजा सिफर रहा और हो गया करोडों रुपए का गेहूं गीला
तराना से सैय्यद नियामत अली की रिपोर्ट
तराना :- मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में गेहूं की खरीदी की गई उसी के तहत उज्जैन जिले के तराना तहसील में 11 केंद्रों पर शासन के निर्देशानुसार लॉकडाउन का पालन करते हुए सोसाइटीयों ने खरीदी की वहीं सोसाइटीयों ने बार-बार बारदान की कमी की बात सोसाइटी से पत्र देकर उच्च अधिकारी को अवगत कराया परंतु परेशानी के बाद भी समस्त किसानों को जो मैसेज आया था उसके अनुरूप गेहूं तोला गया परिस्थिति समझते सोसाइटीयों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को तराना अनुविभागीय अधिकारी , तहसीलदार एवं जनप्रतिनिधियों को बार-बार अवगत कराया की वर्षा काल प्रारंभ होने वाला है परिवहन की व्यवस्था शीघ्र करवाएं परंतु समय रहते परिवहन की व्यवस्था नहीं हो पाई इसी कारण पूरे तराना तहसील में वर्तमान में करोड़ों रुपए का गेहूं वर्षा के कारण गीला हो गया है ओर अगर आगे भी ईसी तरह लगातार वर्षा होती रही तो करोड़ों रुपए का नुकसान सरकार को उठाना पड़ेगा कई जगह तो गेहूं में से बदबू तक आने लगी है दरअसल तराना विपणन संस्था में 20000 कट्टे गेहूं , बघेरा सोसाइटी में 4200 कट्टे , दिलोदरी 70000 कट्टे , परसोली 76000 कट्टे , डाबड़ा राजपूत 140000 कट्टे , रूपाखेड़ी 120000 कट्टे , छड़ावाद 60000 कट्टे , ढाबला हरदू 76000 कट्टे , परसोली 76000 कट्टे के करीब गेहूं खुले में पड़े हुए हैं इसके साथ ही जवासिया कुमार , कायथा , काठबड़ौदा , करेडी , कड़ोदिया , गोदड़ी , डेलची , माकड़ोन आदि सोसाइटी में परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए का गेहूं खराब हो रहा है डाबड़ा राजपूत में 10 जून की वर्षा में जहांबवर्षा हुई है वहां पड़ा हुआ गेहूं पूरी तरह से गीला हो चुका है सोसाइटीयों ने गेंहू के ऊपर से त्रिपाल बिछा दी परंतु जमीन पर पानी बहने से गेहूं खराब हुआ है अभी भी परिवहन की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है ऐसी ही स्थिति रही तो पूरे प्रदेश में शासन को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदार अधिकारी एवं परिवहनकर्ता ठेकेदार की लापरवाही के कारण जो नुकसान हुआ है उसका जिम्मेदार कौन होगा वहीं आम जनता मध्यम परिवार के लोग 2000 क्वींटल का गेहूं खरीद कर खाने को मजबूर है वहीं लापरवाह अधिकारी ठेकेदार के कारण इतना बड़ा नुकसान मध्यप्रदेश शासन प्रशासन को उठाना पड़ेगा इस संदर्भ में पूर्व में भी वरिष्ठ अधिकारी एवं नगर के वरिष्ठ अधिकारियों को सोसायटीयों ने अवगत कराया था परंतु नतीजा सिफर रहा और हो गया करोडों रुपए का गेहूं गीला
तराना से सैय्यद नियामत अली की रिपोर्ट


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