"खुशियों की दास्तां" मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना बनी वरदान, अब सुनकर व बोल सकती है किंजल
उज्जैन 23 जुलाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महावीर खंडेलवाल ने बताया कि जान्सापुरा उज्जैन निवासी श्री सतीश सिसोदिया दिनभर अपना रोजगार (नारियल पानी का ठेला) कर थके-हारे घर लौटते थे तो वे इस बार से बेहद दु:खी हो जाते थे कि उनकी चार वर्षीय लाड़ली बेटी किंजल कुछ बोल नहीं पाती थी, जबकि उसकी उम्र के बच्चे ठीक प्रकार से बातें कर लेते हैं। चूंकि जन्म से ही किंजल अधिकांशतः बीमार ही रहती थी। मजदूर पिता ने उसका अच्छे से अच्छे चिकित्सकों से उपचार करवाया। इस दौरान आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
इसी दौरान आरबीएसके दल द्वारा गृहभेंट के समय जब किंजल के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। दल द्वारा बताया गया कि इसका निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना में किया जा सकता है। ज्योति को आरबीएसके दल की बात ठीक लगी और अगले दिन पति की अनुमति लेकर ज्योति अपनी पुत्री किंजल को जांच हेतु जिला चिकित्सालय उज्जैन में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र (डीईआईसी) में लेकर गई। जहां ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर ज्योति को बताया गया कि अगले दिन उन्हें किंजल को लेकर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन में जाने हेतु समझाया। किंजल के पिता द्वारा जब यह बताया गया कि वह गरीब है, नारियल पानी का ठेला लगाकर जीवन यापन करता है, तब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कर्मचारियों द्वारा उनको बताया कि सम्पूर्ण उपचार निःशुल्क है एवं आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी हेतु जो भी खर्चा आयेगा वह शासन द्वारा वहन किया जायेगा। किंजल को उसके पिता-माता आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज ले गये। वहां मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अन्तर्गत 27 मार्च 2021 को किंजल का सफल ऑपरेशन (कॉक्लीयर एम्पलांट) करवाया गया। ऑपरेशन हेतु शासन द्वारा कुल छह लाख 50 हजार रूपये का वहन किया गया। ऑपरेशन के उपरांत किंजल का नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है एवं उसे स्पीच थैरेपी प्रदान की जा रही है।
किंजल अब सुनने एवं बोलने लगी है। अब उसके माता-पिता को उसके भविष्य की चिन्ता नहीं है। शासन की इस योजना का लाभ प्राप्त करके वे मुख्यमंत्री को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। इस योजना के कारण वह इतना महंगा ऑपरेशन निःशुल्क करवाकर अपने बच्चे की जन्मजात विकृति को हमेशा के लिये मिटवा सके।
क्रमांक 2230 अनिकेत/जोशी

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