"सफलता की कहानी" बड़नगर की महिलाओं ने बनाया स्व-सहायता समूह
उज्जैन 12 अक्टूबर। बड़नगर की एक छोटी-सी बस्ती जिसका नाम बालकृष्ण बापूजी मार्ग है, वहां पर शासन द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र था। एक दिन आंगनवाड़ी केन्द्र में नगर पालिका सीईओ आई, जिन्होंने महिलाओं को बचत करने के फायदे बताये और साथ ही बचत को स्व-सहायता समूह बनाकर कैसे आगे बढ़ाया जाये, इस बारे में जानकारी दी।
तत्पश्चात 10 महिलाओं का समूह तैयार किया गया और इस समूह का नाम प्रगति स्व-सहायता समूह रखा गया। सभी सदस्य 200 रुपये प्रतिमाह की राशि जमा करने लगे और हर बैठक में बचत की राशि एकत्रित कर उसे समूह खाते में जमा करवाया गया। इस समूह को आंगनवाड़ी के पूरक पोषण आहार कार्यक्रम से जोड़ा गया, जिसमें महिलाएं छोटे बच्चों को खाना बनाकर भी देने लगी और इससे उनकी आय बढ़ने लगी। साथ ही बचत तो हर माह चल ही रही थी। इससे समूह को 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फण्ड भी मिल गया। समूह ने आपस में लेन-देन शुरू कर दिया और सदस्यों का अच्छा लेन-देन होने के कारण नगर पालिका की सहायता से बैंक से भी फण्ड मिल गया। अब महिलाओं को बाहर बड़े ब्याज दर पर पैसा लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। सभी महिलाएं शासन की इस जनकल्याणकारी योजना का धन्यवाद करती हैं।
क्रमांक 3121 अनिकेत/जोशी
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