युवा दिवस के अवसर पर कार्यशाला सम्पन्न
उज्जैन 09 जनवरी। रविवार को श्री अरविंद के जन्म की 150वी वर्षगांठ एवं स्वामी विवेकानंद की 158वी जयंती (युवा दिवस) के अवसर पर कार्यशाला जनअभियान परिषद एवं श्री अरविंद सोसायटी शाखा उज्जैन द्वारा आयोजित की गई।
जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री विभाष उपाध्याय ने अपने उदबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श को समाज में महत्वपूर्ण रूप से चरितार्थ करना चाहिए। संवेदनाओं के साथ कार्य करने से एक आदर्श समाज का निर्माण होता है। जिस प्रकार श्री अरविंद एवं रामकृष्ण देव द्वारा समाज में उपयोगी महत्व को समझाकर क्रांतिकारी विचार में स्वामी विवेकानंद के विचार बहुत महत्वपूर्ण रहे है। दिव्यता का संदेश महापुरूषों के जीवन का आधार समाज उपयोगी कार्यो को सिद्धता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सम्पूर्ण मानव जाति को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है, वे सदैव याद रहते हैं।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विक्रम विश्विद्यालय के प्रोफेसर डॉ हरि सिंह कुशवाह थे। उन्होंने महर्षि अरविंद के जीवन दर्शन के पहलुओं पर प्रकाश डाला एवं स्वामी विवेकानंदजी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अरविंद घोष एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वह एक स्वतंत्रता सेनानी, कवि, प्रकांड विद्वान, योगी और महान दार्शनिक थे। उन्होंने अपना जीवन भारत को आजादी दिलाने और पृथ्वी पर जीवन के विकास की दिशा में समर्पित कर दिया।
श्री मधुसुदन श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानंद राष्ट्रवादी थे परंतु उनका राष्ट्रवाद, समावेशी और करूणामय था। जब भी वे देश के भ्रमण पर निकलते थे, तब उनके मन में घोर गरीबी, अज्ञानता और सामाजिक असमानताओं को देखकर दुःखी होते थे। वे भारत के लोगों को एक नई ऊर्जा से भर देना चाहते थे। वे चाहते थे कि आध्यात्म, त्याग और सेवाभाव को राष्ट्रवाद का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने भारत के लिए एक आध्यात्मिक लक्ष्य निर्धारित किया था।
उन्होंने लिखा ‘‘हर राष्ट्र की एक नियति होती है, जिसको वह प्राप्त होता है। हर राष्ट्र के पास एक संदेश होता है, जो उसे पहुंचाना होता है। हर राष्ट्र का एक मिशन होता है, जिसे उसे हासिल करना होता है। हमें हमारी नस्ल का मिशन समझना होगा। उस नियति को समझना होगा, जिसे हमें पाना है। राष्ट्रों में हमारा क्या स्थान हो हमें वह समझना होगा और विभिन्न नस्लों के बीच सौहार्द बढ़ाने में हमारी भूमिका को जानना होगा।‘
नित्यनैवेदय संस्था द्वारा कार्यक्रम के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया एवं स्वामी विवेकानंद केन्द्र एवं गायत्री परिवार, विश्वास फाउंडेशन, तथा स्वयंसेवी संगठन एवं कोरोना वालेंटियर्स कार्य क्रम में उपस्थित रहे। म.प्र. जन अभियान परिषद से श्री अरूण व्यास, श्रीमती रेणुका श्रोत्रिय, श्री नम्रता तिवारी,श्रीमती मीना त्रिवेदी, श्रीविपिन धाकड, श्री लोकेन्द्रमालवीय, श्री नीलमणी सरकार, श्रीमती माया उपाध्याय, श्री जयपाल पंवार, श्री लोकेश मालवीय उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री राजेन्द्र जी सोनी ने किया तथा आभार जिला समन्वयक श्री सचिन जी शिम्पी द्वारा माना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री विभाष उपाध्याय द्वारा की गयी। उपाध्यक्ष श्री उपाध्याय का स्वागत अभिलाष जैन ने किया। श्री मधुसुदन श्रीवास्तव का स्वागत सुश्री रचना शर्मा ने किया। तत्पश्चात समस्त अतिथि सत्कार के बाद अतिथियों का परिचय श्री शिवप्रसाद मालवीय संभाग समन्वयक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वस्ति वाचन श्री गौरव उपाध्याय व श्री यश जोशी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
क्रमांक 0072 उज्जैनिया/जोशी
0 टिप्पणियाँ