अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर महिलाओं के विरूद्ध होने वाली हिंसा के उन्मूलन पर सेमीनार
उज्जैन 27 नवम्बर। शुक्रवार 26 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस महिलाओं के विरूद्ध होने वाली हिंसा के उन्मूलन पर सेमीनार का आयोजन कालिदास कन्या महाविद्यालय उज्जैन मे आयोजित किया गया। श्री गौतम अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जिला उज्जैन द्वारा सेमीनार का उद्देश्य के बारे मे विस्तृत से बताया गया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने और प्रतिक्रिया देने और महिलाओं के बुनियादी मानवधिकारो और लैंगिक समानता के बारे मे लोगो को अवगत कराने के लिए मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार यह अनुमान लगाया गया है कि अपने सम्पूर्ण जीवन मे हर 3 मे 1 महिला अपने अंतरंग संबंधो या गैर साथी से शारीरिक शौषण या यौन हिंसा का अनुभव करती है। रिपोर्ट के यह भी उल्लेख किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान महिलाओं की हिंसा की चपेट मे आने के मामलो मे उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। इसके बावजुद संघर्ष, युद्ध के साथ जलवायु आपदाओं, महिलाओं के खिलाफ हिंसा की संभावना वाले स्थानों पर देखा। महामारी के बाद से 13 देशो की जानकारी के आधार पर हाल ही मे संयुक्त राष्ट्र महिला शोध के अनुसार हर 3 मे से 2 महिलाओं मे किसी न किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का सामना किया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार प्रत्येक दिन 137 महिालाओं को उनके परिवार के कुछ सदस्यो द्वारा मार दिया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है। श्रीमती वर्षा व्यास द्वारा महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधो पर समाज पर प्रभाव के संबंध में बालिकाओं को समझाया गया। श्रीमती आभा शर्मा, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर उज्जैन द्वारा वन स्टॉप सेंटर की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर एक अस्थाई शेल्टर होम है जहां पर हिंसा से पीडित बालिका, महिलाओं को एक स्थान पर पुलिस, चिकित्सा, आश्रय, कानूनी, काउंसलिंग आदि कई सुविधाए प्रदान की जाती है। श्रीमती साधना सेठी एवं श्रीमती शोभा छन्नीवाल द्वारा महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधो को रोकने के उपाय के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। श्री साबीर अहमद सिद्धीकी, सहायक संचालक म.बा.वि. उज्जैन द्वारा महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधो की रोकथाम हेतु कानूनी नियमों के बारे में विस्तृत रूप से समझाया गया। श्री सिद्धिकी द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजनाए मुख्यमंत्री सशक्तिकरण योजना, किशोर न्याय अधिनियमए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो आदि के बारे मे बताते हुए बालिकाओं को सुरक्षित करने हेतु पेपर स्प्रे के उपयोग के सम्बन्ध मे समझाईश देते हुए साईबर क्राईम से बचने के लिए भी अवगत कराया। श्रीमती वंदना गुप्ताए प्राचार्य शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय उज्जैन द्वारा महिलाओं के विरूद्ध होने वाली हिंसा के उन्मूलन पर उद्बोधन दिया गया।
क्रमांक 3654 उज्जैनिया/जोशी
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