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कोविड की तीसरी लहर को रोकने के लिये सभी आवश्यक उपाय किये जायें, अपूर्ण प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किये जायें -संभागायुक्त, संभागायुक्त ने स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये मार्केट उपलब्ध कराने के दिये निर्देश, संभागायुक्त ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की

 कोविड की तीसरी लहर को रोकने के लिये सभी आवश्यक उपाय किये जायें, अपूर्ण प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किये जायें -संभागायुक्त, संभागायुक्त ने स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये मार्केट उपलब्ध कराने के दिये निर्देश, संभागायुक्त ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की





उज्जैन 10 अगस्त। उज्जैन संभागायुक्त श्री संदीप यादव ने आज कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे कोविड की तीसरी लहर को रोकने के लिये सभी आवश्यक उपाय करें। तीसरी लहर की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों के लिये पृथक से बेड आरक्षित करें। बताया गया कि उज्जैन में 295, देवास में 40, शाजापुर में 40, रतलाम में 38, मंदसौर में 118, नीमच में 40 एवं आगर-मालवा में 48 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। संभागायुक्त ने सभी जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रधानमंत्री आवास के अन्तर्गत वर्ष 2016 से 2021 तक जो आवास अपूर्ण हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूर्ण करें। लोगों को समझाईश देकर आवास निर्माण करने के लिये प्रेरित करें। हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिये जो राशि दी गई है उसका उनके द्वारा समुचित उपयोग किया जाये। संभागायुक्त श्री यादव ने महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये विशेष पहल करें और उनके उत्पादन के लिये मार्केट उपलब्ध करायें। जो समूह अगरबत्ती, ग्रोसरी का सामान, अन्य छोटे-मोटे उत्पादन कर रहे हैं, उन्हें समुचित रूप से प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनायें और यह प्रयास करें कि वास्तव में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को हर माह एक समुचित आय की प्राप्ति हो।


संभागायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि अधिकारीगण उन गांवों को विशेष रूप से चिन्हित करें, जहां सामुदायिक स्वच्छता परिसर की आवश्यकता है। वहां प्राथमिकता से सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण किया जाये। साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि वास्तव में शौचालय का निर्माण हितग्राहियों ने कराया है कि नहीं, इसका वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाये। उन्होंने मध्याह्न भोजन एवं मनरेगा के कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की और कहा कि सभी सम्बन्धित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मनरेगा के कार्य मशीनों से न हों, अपितु मानव श्रम द्वारा निर्मित हो। बताया गया कि संभाग में 154 गौशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। संभागायुक्त ने राजस्व वसूली प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये और कहा कि गत वर्ष की वसूली भी इस वर्ष कर ली जाये। उन्होंने गत वर्ष बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल-पुलियाओं के रिपेयरिंग का कार्य कराने के निर्देश दिये और कहा कि इसके लिये यदि अतिरिक्त राशि की आवश्यकता पड़ती है तो शासन को अतिरिक्त आवंटन के लिये प्रस्ताव भिजवाया जाये।


संभागायुक्त ने ऑक्सीजन प्लांट के सम्बन्ध में भी आवश्यक जानकारी ली। बताया गया कि उज्जैन में 5 क्रियाशील ऑक्सीजन प्लांट हैं, जहां से ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। देवास में 4, शाजापुर में 3, रतलाम में 3, मंदसौर में 6, नीमच में 3 एवं आगर-मालवा में एक ऑक्सीजन प्लांट सक्रिय है। अन्य ऑक्सीजन प्लांट भी प्रस्तावित हैं। संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि ऑक्सीजन प्लांट आवश्यकता के अनुरूप शीघ्र ही बना लिये जायें। सभी जिले ऑक्सीजन प्लांट की देखरेख के लिये मैकेनिकल इंजीनियर की व्यवस्था सुनिश्चित करें और सिस्टम को रिचैक करें। संभागायुक्त श्री यादव ने ब्लेक फंगस के केस, वेक्सीनेशन एवं सीएम हेल्पलाइन के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने छह माह से अधिक एवं एक वर्ष से दो वर्ष तक के लम्बित प्रकरणों तथा आरबीसी 6(4) के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम एवं तहसीलदार कोर्ट में विभिन्न लम्बित प्रकरणों, आदेश के लिये तीन माह से छह माह तक के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व प्राप्ति की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि उज्जैन जिले में लक्ष्य का 75 प्रतिशत, शाजापुर में 56 प्रतिशत, देवास में 11, नीमच में 82, मंदसौर में 47, रतलाम में 84 एवं आगर-मालवा में 53 प्रतिशत तक की राजस्व वसूली की जा चुकी है।


संभागायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का जवाब समय-सीमा में एवं सटिक रूप से देने के निर्देश दिये। बकाया बिजली बिलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने बढ़ते बिजली बिलों को लेकर आ रही शिकायतों के निराकरण के लिये जिला एवं तहसील स्तर पर शिविर लगाने के निर्देश दिये। साथ ही उज्जैन, रतलाम शहर में लग रहे स्मार्ट मीटर की भी जानकारी ली। बताया गया कि शहरों में चौबीस घंटे में एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिन में खराब ट्रांसफार्मर बदले जाते हैं। ऊर्जस पोर्टल पर उपभोक्ता सीधे मनमाने बिजली बिलों की शिकायत कर सकते हैं। प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाता है।


बैठक में उज्जैन कलेक्टर श्री आशीष सिंह, मंदसौर कलेक्टर श्री मनोज पुष्प, रतलाम कलेक्टर श्री कुमार पुरूषोत्तम, देवास कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला, नीमच कलेक्टर श्री मयंक अग्रवाल, शाजापुर कलेक्टर श्री दिनेश जैन, आगर-मालवा कलेक्टर श्री अवधेश शर्मा एवं सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।


क्रमांक 2452    रश्मि देशमुख/जोशी

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